प्रेम और सत्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं....मोहनदास कर्मचंद गांधी...........मुझे मित्रता की परिभाषा व्यक्त करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि मैंने ऐसा मित्र पाया है जो मेरी ख़ामोशी को समझता है

Tuesday, April 10, 2012

Govt. Sec.School, Jandawali (Hanumangarh) Class 10th, Vidaai Samaroh 2011-2012

बैठी हुई छात्राएं - ज्योति, नवल दीप  कौर . निर्मला , सीमा , कांता , गगनदीप  कौर, पूनम , किरणदीप , प्रियंका , पूजा , कुर्सियों  पर बैठे हुए..श्री जगरूप सिंह , शिक्षक,  श्री दीनदयाल शर्मा, पुस्तकालय अध्यक्ष एवं बाल साहित्यकार, श्री कुलदीप सिंह , पंजाबी शिक्षक, श्री रमेश कुमार धानका, श्री महावीर प्रसाद फगोडिया, श्री सेवक राम गर्ग,  श्री ॐ प्रकाश पराल, प्रधानाद्यायापक , श्रीमती अनीता गुप्ता, वरिष्ठ शिक्षक (विज्ञानं ), श्रीमती बलविन्द्र कौर ,  वरिष्ठ शिक्षक  (अंग्रेजी ), श्रीमती मधुबाला शर्मा,  वरिष्ठ शिक्षक  (संस्कृत ), श्रीमती  सुनीला ,  वरिष्ठ शिक्षक , श्रीमती आशा रानी , खड़े हुए विद्यार्थी  - सुख राम, प्रेम पाल, धर्म पाल , माणक चन्द, लाल चन्द , पवन कुमार, सुरेंद्र कुमार, हरजिन्द्र सिंह, दिनेश कुमार, महेंद्र कुमार, श्रीमती नसीप कौर , सहायक कर्मचारी , श्रीमती गीता,   सहायक कर्मचारी ,

1 comment:

  1. suresh kumar ignp colony rawatsarDecember 22, 2017 at 7:18 AM

    good morning uncle ji.

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