प्रेम और सत्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं....मोहनदास कर्मचंद गांधी...........मुझे मित्रता की परिभाषा व्यक्त करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि मैंने ऐसा मित्र पाया है जो मेरी ख़ामोशी को समझता है

Monday, December 25, 2017

रेडियो नाट्य कृति ’’जंग जारी है’’ का लोकार्पण

बेटियों की जंग गर्भ से ही शुरू हो जाती हैः ऋचा चौधरी
हनुमानगढ़। राजस्थान साहित्य परिषद् के तत्वावधान में बेबी हैप्पी माडर्न पीजी कॉलेज, हनुमानगढ़ में साहित्यकार दीनदयाल शर्मा की रेडियो नाट्यकृति ’’जंग जारी है’’ का लोकार्पण समारोह का आयोजन हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि एवं आर.जे.एस. ऋचा चौधरी (मजिस्ट्रेट), विशिष्ट अतिथि सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी सुरेश बिश्नोई, वरिष्ठ उद्घोषक राजेष चड्ढा, वरिष्ठ पत्रकार गोपाल झा, प्राचार्य डॉ. संतोष राजपुरोहित, केन्द्रीय साहित्य अकादेमी से पुरस्कृत कवयित्री ऋतुप्रिया उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता बेबी हैप्पी मॉर्डन पीजी कॉलेज के डायरेक्टर तरुण विजय ने की। समारोह का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया।
     समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि आर.जे.एस. ऋचा चौधरी (मजिस्ट्रेट) ने कहा कि समय की मांग के अनुसार बेटियों को केन्द्र में रखकर जो नाटक रचे गए हैं वे वास्तव में उल्लेखनीय है। उन्होंने कहा कि बेटियों को हमें हर क्षेत्र में आगे लाने का प्रयास करना चाहिए ताकि वे अपने देश का नाम रोषन कर सके। उन्होंने कहा कि बेटियों की जंग गर्भ से ही षुरू हो जाती है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीआरओ सुरेष बिश्नोई ने कहा कि दीनदयाल षर्मा की रचनाओं का मैं शुरू से ही प्रषंसक रहा हूं। आपकी नाट्य कृति भी समाज हित के लिए सर्वोपरि होगी।
      वरिष्ठ उद्घोषक राजेश चड्ढ़ा ने कहा कि नाट्य कला प्राचीनकाल से चली आ रही है। जिसकी परम्परा को कायम करने में दीनदयाल शर्मा का योगदान सराहनीय है। इस अवसर पर साहित्यकार दीनदयाल शर्मा ने नाटक की रचना प्रक्रिया के बारे में श्रोताओं को जानकारी दी और अपनी हास्य कविताओं से हंसाकर सबको लोट-पोट कर दिया।
     संस्था के डायरेक्टर तरुण विजय ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए नाट्य कृति की प्रषंसा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समय-समय पर होते रहने चाहिए। ताकि युवाओं को साहित्य के प्रति एक अच्छा मार्गदर्षन मिल सके। समारोह में युवा कवि दुष्यंत जोशी, संस्था के चेयरमेन आशिष विजय, प्रशासक परमानंद सैनी, उपप्राचार्य डॉ. मनोज शर्मा, छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष दुर्गाप्रताप शेखावत, बाल कथाकार मानसी शर्मा आदि उपस्थित थे।
     इस अवसर पर राजस्थान साहित्य परिषद् की ओर से सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं नाट्य कृति ’’जंग जारी है’’ उपहार स्वरूप भेंट कर सम्मानित किया। प्रसारित रेडियो नाटक ’’पगली’’ प्रस्तुत किया गया। जिसे अतिथियों द्वारा खूब सराहा गया। कार्यक्रम का मंच संचालन राजस्थान साहित्य परिषद् के सचिव एवं व्याख्याता राजेन्द्र डाल ने किया।




2 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल बुधवार (27-12-2017) को "सर्दी की रात" (चर्चा अंक-2830) पर भी होगी।
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    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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