प्रेम और सत्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं....मोहनदास कर्मचंद गांधी...........मुझे मित्रता की परिभाषा व्यक्त करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि मैंने ऐसा मित्र पाया है जो मेरी ख़ामोशी को समझता है

Sunday, August 31, 2014

Deendayal Sharma 1969 Se 2012 ke Photos...





















2 comments:

  1. भिन्न-भिन्न भंगिमाएं। बधाई।

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