प्रेम और सत्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं....मोहनदास कर्मचंद गांधी...........मुझे मित्रता की परिभाषा व्यक्त करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि मैंने ऐसा मित्र पाया है जो मेरी ख़ामोशी को समझता है

Wednesday, March 23, 2011

जय जवान जय किसान / दीनदयाल शर्मा

जय जवान बोल, जय किसान बोल ।

ये है प्यारा देश हमारा,
हम इसकी संतान हैं ।
सब धर्मों के लोग यहाँ हैं,
हम इस पर कुर्बान हैं ।।

जय जवान बोल, जय किसान बोल ।
जय जवान बोल, जय किसान बोल ।।

राजगुरु सुखदेव भगतसिंह,
सच्ची इनकी शान हैं ।
ख़तरों से ना डरे कभी ये,
निडरता पहचान है ।।

जय जवान बोल, जय किसान बोल ।
जय जवान बोल, जय किसान बोल ।।

अन्न उपजाएँ खुशियाँ लाएँ,
हम भारत की आन हैं ।
मेहनत से न डरने वाले,
हम मज़दूर किसान हैं ।।

जय जवान बोल, जय किसान बोल ।
जय जवान बोल, जय किसान बोल ।।

4 comments:

  1. E WATAN,
    E WATAN !
    HAMKO TERI KASAM !!
    TERI RAH ME !
    JAAN TAK LUTAYENGE !!
    ¤ ¤ ¤ ¤
    SHAHEEDO KI CHITAO PAR;
    LAGENGE MELE,
    HAR BARAS !
    WATAN PAR
    MITNE WALO KA,
    BAKI
    YAHI NISHAN HOGA !!
    ¤ ¤ ¤ ¤ ¤
    TU NA RONA,
    K TU HAI
    BHAGAT SINGH KI MAA !
    GHORI CHAD K,
    TO LATE HAI,
    DULHAN SABHI !!
    FANSI CHAD K . . . .!!!
    ¤ ¤ ¤
    JAIHIND

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  2. E WATAN,
    E WATAN !
    HAMKO TERI KASAM !!
    TERI RAH ME !
    JAAN TAK LUTAYENGE !!
    ¤ ¤ ¤ ¤
    SHAHEEDO KI CHITAO PAR;
    LAGENGE MELE,
    HAR BARAS !
    WATAN PAR
    MITNE WALO KA,
    BAKI
    YAHI NISHAN HOGA !!
    ¤ ¤ ¤ ¤ ¤
    TU NA RONA,
    K TU HAI
    BHAGAT SINGH KI MAA !
    GHORI CHAD K,
    TO LATE HAI,
    DULHAN SABHI !!
    FANSI CHAD K . . . .!!!
    ¤ ¤ ¤
    JAIHIND

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  3. सुंदर रचना ...नमन इन देशभक्तों को.....

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  4. नमन वीर शहीदों को....

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